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डिजिटल अरेस्ट कैसे होता है और इससे बचाव कैसे करें?

पुलिस या CBI कभी भी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती। डिजिटल अरेस्ट की पूरी साज़िश — पहली कॉल से लेकर पैसे ट्रांसफर तक — और बचाव के सही कदम, आसान हिंदी में।

आठ पैनल की हिंदी कॉमिक: साइबर अपराधी की कॉल से लेकर पैसे की ठगी और बचाव के उपाय तक।
डिजिटल अरेस्ट — एक साज़िश, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
आठ पैनल की हिंदी कॉमिक: नकली CBI अधिकारी की कॉल, फर्जी गिरफ्तारी वारंट और शिकायत की प्रक्रिया।
डिजिटल अरेस्ट कैसे होता है और बचाव कैसे करें।

साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI या कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर फोन करते हैं और कहते हैं कि आपके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। डर पैदा करके वे आपको घंटों वीडियो कॉल पर रोके रखते हैं — इसी को डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है।

ठगी इस तरह शुरू होती है

  • अज्ञात नंबर से कॉल आती है — मैं CBI अधिकारी बोल रहा हूँ, आपके नाम से मनी लॉन्ड्रिंग का केस है।
  • आपके आधार कार्ड के दुरुपयोग का हवाला देकर कहा जाता है कि तुरंत गिरफ्तारी होगी।
  • आपको वीडियो कॉल पर बने रहने और किसी से बात न करने के लिए कहा जाता है, ताकि कोई आपको समझा न सके।
  • नकली दस्तावेज और फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाकर कहा जाता है कि आप गिरफ्तार हैं और कमरे में बंद रहें।
  • जांच पूरी होने तक खाते की सुरक्षा के बहाने पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
  • पैसे मिलते ही ठग संपर्क तोड़ देते हैं और गायब हो जाते हैं।

सच जानिए

  • कोई भी पुलिस या सरकारी अधिकारी फोन पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करता।
  • अज्ञात नंबर और वीडियो कॉल पर विश्वास न करें।
  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी और OTP किसी के साथ साझा न करें।
  • पैसे ट्रांसफर करने से पहले हमेशा स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।

क्या करें — कदम दर कदम

  1. 1

    कॉल तुरंत काट दें

    अज्ञात नंबर से आई ऐसी कॉल या वीडियो कॉल पर बात जारी न रखें। किसी भी दबाव में कमरे में बंद न हों।

  2. 2

    किसी परिजन से बात करें

    ठग की सबसे बड़ी शर्त यही होती है कि आप किसी से बात न करें। यही वह शर्त है जिसे सबसे पहले तोड़ना है।

  3. 3

    कोई भी भुगतान न करें

    जांच, जमानत या खाते की सुरक्षा के नाम पर मांगे गए पैसे कभी ट्रांसफर न करें।

  4. 4

    1930 पर तुरंत कॉल करें

    राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।

  5. 5

    cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पूरा विवरण और स्क्रीनशॉट के साथ शिकायत दर्ज करें।

  6. 6

    नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें

    लिखित शिकायत दर्ज कराएं और कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट व ट्रांजेक्शन डिटेल सुरक्षित रखें।

साइबर अपराध की शिकायत करें

राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर कॉल करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

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