फर्जी ई-चालान क्या है और असली चालान की जांच कैसे करें?
साइबर अपराधी SMS, व्हाट्सएप और ईमेल पर फर्जी ई-चालान भेजकर जुर्माने के नाम पर पैसे ठगते हैं। जानें फर्जी चालान कैसे पहचानें और echallan.parivahan.gov.in पर सही जांच कैसे करें।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। जागरूक बनें, धोखाधड़ी से बचें।
साइबर अपराधी फर्जी ई-चालान भेजकर लोगों को डराते हैं और जुर्माना भरने के नाम पर पैसे ठगते हैं।
फर्जी E-चालान क्या है?
साइबर अपराधी SMS, व्हाट्सएप, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी ई-चालान भेजते हैं और एक लिंक पर क्लिक करके जुर्माना भरने के लिए कहते हैं। यह लिंक फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है जहाँ आपकी व्यक्तिगत जानकारी और पैसे चुरा लिए जाते हैं।
ऐसे साइबर अपराध हो सकते हैं
- बैंक खाते से पैसे की चोरी
- व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग
- OTP और पासवर्ड की चोरी
- डिजिटल वॉलेट खाली हो सकता है
बचाव के उपाय
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- चालान की जांच केवल सरकारी वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in पर करें।
- SMS, व्हाट्सएप या ईमेल से आए चालान पर तुरंत भरोसा न करें।
- कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें।
- संदिग्ध संदेश या कॉल की तुरंत शिकायत करें।
क्या करें — कदम दर कदम
- 1
केवल सरकारी पोर्टल पर जाएं
केवल https://echallan.parivahan.gov.in पर जाएं। किसी संदेश में आए लिंक से नहीं, पता खुद टाइप करके।
- 2
वाहन का विवरण दर्ज करें
चालान संख्या, वाहन संख्या और चैसिस नंबर दर्ज करें।
- 3
चालान की वास्तविक स्थिति देखें
पोर्टल पर दिख रही स्थिति ही असली है। संदेश में लिखी राशि या तारीख पर भरोसा न करें।
- 4
केवल अधिकृत माध्यम से भुगतान करें
भुगतान केवल अधिकृत सरकारी माध्यम से ही करें।
साइबर अपराध की शिकायत करें
राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर कॉल करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
